Home >> Hindu Gods >> सावन 2017 सोमवार की शिव पूजा और व्रत

सावन 2017 सोमवार की शिव पूजा और व्रत

देवी सती ने पिता दक्ष के घर में शरीर त्यागने के समय हर जन्म में महादेव को पति बनाने का प्रण लिया था। अगले जन्म में देवी ने पार्वती के

रूप में जन्म लिया और सावन के महीने में निराहार व्रत करके महादेव को प्रसन्न करके उनसे विवाह किया था। इसी वजह से सावन का महीना

शिवजी को प्रिय है। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर के लिए और विवाहित महिलाएँ सुहाग की सलामती के लिए सावन के सोमवार का व्रत करती है।

स्त्री पुरुष सभी को सावन के महीने में शिव की पूजा करने से लाभ होता है।

शिव जी का व्रत तीन प्रकार से  किया जाता है। प्रति सोमवार व्रत , सौम्य प्रदोष व्रत और सोलह सोमवार व्रत। तीनो की विधि एक समान

ही होती है। व्रत उपवास अवश्य करने चाहिए। भारत में 12 ज्योतिर्लिंग है ,जो की शिव जी के विशेष मंदिर है। इनके दर्शन का बहुत महत्त्व है।

ज्योतिर्लिंग इस प्रकार है :

सोमनाथ  –  गुजरात  ,  मल्लिकार्जुन –  आन्ध्र प्रदेश  ,  महाकालेश्वर – उज्जैन , मध्य प्रदेश  ,

ओंकारेश्वर – इंदौर , मध्य प्रदेश ,  केदारनाथ – उत्तराखंड   , भीमाशंकर – पूना , महाराष्ट्र  ,

विश्वनाथ – काशी ,उत्तर प्रदेश ,  त्रयंबकेश्वर – नासिक , महाराष्ट्र  , बैद्यनाथ  –  बिहार ,

नागेश्वर – द्वारिका , गुजरात ,  रामेश्वरम – रामनाथ पुरम , तमिलनाडु , घृष्णेश्वर – दौलताबाद , महाराष्ट्र

 

2017  में सावन के सोमवार वाले दिन – Sawan Somvar 2017 Date

 

इस वर्ष 5 सोमवार है। उत्तर भारत यानि राजस्थान , पंजाब , बिहार , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , हिमाचल प्रदेश  अदि राज्यों में इस साल यानि

2017  में सावन महीना सोमवार 10  जुलाई से शुरू हो रहा है। 10  जुलाई , 17  जुलाई , 24 जुलाई , 31 जुलाई तथा 7 अगस्त को सोमवार शिव

पूजा और व्रत के दिन आएंगे।

 

दक्षिण भारत में यानि तमिल नाडु , कर्नाटक , आंध्र प्रदेश , महाराष्ट्र , गुजरात आदि राज्यों में इस साल सावन महीना सोमवार 24 जुलाई से

शुरू होगा। 24 जुलाई , 31 जुलाई , 7 अगस्त , 14 अगस्त तथा 21 अगस्त को सोमवार शिव पूजा और व्रत के दिन आएंगे।

सावन के सोमवार को शिवजी की पूजा करने का तरीका

Saawan ke somvar shiv puja ka tareeka

 

सावन के सोमवार के व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। दैनिक कार्यों से निवृत होकर नहा धोकर शुद्ध सफ़ेद रंग के कपडे

पहनने चाहिए। भगवान शिव की पूजा यदि घर में करनी हो तो पूजा का स्थान साफ करके गंगाजल छिड़क कर शुद्ध कर लेना चाहिए।

इसके बाद शिव जी की मूर्ती या तस्वीर को स्थापित करके साफ आसन पर बैठ कर पूजा करनी चाहिए। घर में सिर्फ पारद या नर्मदेश्वर

शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। बाहर मंदिर में पूजा करने जाना हो तो पूजा का सामान ढक कर ले जाना चाहिए। संभव हो तो मंदिर में भी

शुद्ध आसन पर बैठ कर पूजा करनी चाहिए। पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।

शिव पूजा की सामग्री – Shiv Pooja Samagri

shivji puja samagri

  • जल कलश
  • गंगा जल
  • कच्चा दूध
  • दही
  • घी
  • शहद
  • चीनी
  • केसर
  • वस्त्र
  • चन्दन रोली
  • मौली
  • चावल  ( अक्षत )
  • फूलमाला , फूल
  • जनेऊ
  • इत्र
  • बील पत्र
  • आंक , धतूरा
  • भांग
  • कमल गट्टा
  • पान
  • लौंग , इलायची , सुपारी
  • धूप , दीप , अगरबत्ती
  • माचिस
  • कपूर
  • फल
  • मेवा
  • मिठाई
  • नारियल
  • दक्षिणा के पैसे

 

शिव पूजा की विधि – Shiv Pooja Vidhi

 

—  पूजा के लिए सबसे पहले  पूजा के सामान  को यथास्थान रख दें ।

 

—  अब भगवान शिव का ध्यान करके ताम्बे के बर्तन से शिव लिंग को जल से  स्नान कराएँ  ।

 

—  गंगा जल से स्नान कराएं।

 

—  इसके बाद दूध , दही , घी , शहद और शक्कर से स्नान कराएँ । इनके मिश्रण से बनने वाले पंचामृत से भी स्नान करा सकते है।

—  इसके बाद सुगंध स्नान के लिए केसर के जल से स्नान कराएँ । जानिये असली केसर को पहचानने के तरीके।

 

—  चन्दन आदि लगाएँ ।

 

—  अब मौली , जनेऊ , वस्त्र आदि चढ़ाएँ।

 

—  अब इत्र और पुष्प माला , बील पत्र आदि चढ़ा दें। बील पत्र 5 ,11 , 21 , 51 आदि शुभ संख्या में लें। बीलपत्र चढाने से रोगों से मुक्ति मिलती

है।

 

—  आंकड़े और धतूरे के फूल चढ़ाएँ । शिव जी को सफ़ेद रंग अतिप्रिय है क्योकि ये शुद्ध , सौम्य और सात्विक होता है। आंकड़ा और धतूरा

चढ़ाने से पुत्र का सुख मिलता है।

 

—  वाहन सुख के लिए चमेली का फूल चढ़ाएँ , धन की प्राप्ति के लिए कमल का फूल, शंखपुष्पी या जूही का फूल चढ़ाएँ  , विवाह के लिए बेला

के फूल चढ़ाएँ , मन की शांति के लिए शेफालिका के फूल चढाने चाहिए। पारिवारिक कलह से मुक्ति के लिए पीला कनेर का फूल चढ़ाएं।

 

—  शिव जी की पूजा करते समय आपकी भावना  शुद्ध और सात्विक होनी चाहिए ( जैसे शिव खुद है ) ।

 

—  अब धूप , दीप आदि जलाएँ।

 

—  अब फल मिठाई आदि अर्पित कर भोग लगाएँ।

 

—  इसके बाद पान , नारियल और दक्षिणा चढ़ाएँ।

 

—  अब आरती करें। जय शिव ओमकारा ….

 

—  आरती के बाद  क्षमा मंत्र बोलें। क्षमा मन्त्र इस प्रकार है :

 

” आह्वानं ना जानामि, ना जानामि तवार्चनम, पूजाश्चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वर: “

 

श्रद्धा पूर्वक इस प्रकार सावन के सोमवार को पूजा सम्पूर्ण करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर मनोरथ पूर्ण करते है।

 

इस दिन महामृत्युंजय , शिवसहस्र नाम , रुद्राभिषेक ,शिवमहिमा स्रोत ,शिवतांडव स्रोत या शिवचालीसा आदि का पाठ करना बहुत लाभकारी

होता है।

 

ध्यान रखें – Be Careful

 

—  शिवलिंग पर सिन्दूर , हल्दी , लाल रंग के फूल , केतकी और केवड़े के फूल आदि या स्त्री सौंदर्य से सम्बंधित सामान ना चढ़ाएँ। क्योंकि

शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है। जलधारी पर ये चढ़ाये जा सकते है क्योकि जलधारी माता पार्वती और स्त्रीत्व का प्रतीक होती है।

 

—  शिव लिंग की पूरी परिक्रमा नहीं की जाती है। आधी परिक्रमा ही लगाएं।

 

सावन के सोमवार व्रत करने का तरीका

Savan ke somvar ko vrat karne ka tareeka

 

यह व्रत सुबह सूर्योदय से शुरू करके दिन के तीसरे पहर यानि सूर्यास्त  तक किया जाता है। सूर्यास्त के बाद भोजन कर सकते है। उसके पहले

अनाज व नमक नहीं लिया जाता है। जहाँ तक संभव हो सूर्यास्त तक पानी , फ्रूट जूस , दूध , छाछ आदि ही लेने चाहिए। नींबू पानी सेंधा नमक

व काली मिर्च डालकर पी सकते है।

 

व्रत के समय तला – भुना सामान बिलकुल नहीं लेना चाहिए। यदि कंट्रोल न हो तो पनीर ,उबला आलू , कुट्टू , सिंघाड़े या राजगिरि का आटा ,

साबूदाना , दही , सूखे मेवे , मूंगफली , नारियल पानी , शेक आदि में से अपनी पसंद से सिर्फ एक बार कुछ भी ले सकते है।

 

पानी खूब पिएँ। सिर्फ तरल पदार्थ लेने से शरीर के विषैले तत्व निकल जाते है और मन व आत्मा की शुद्धि हो जाती है।

About Bhakti Guru

Besides this, ‘Bhakti Guru’ gives you the opportunity to see your horoscope and make your horoscope free according to your zodiac. The name of children are also available in this site. ‘Bhakti Guru’ you can get thoughts of the day, astrology, live events and the live darshan of the temples. You can get also spiritual audio, spiritual video and spiritual photos in this site. ‘Bhakti Guru’ provides you the bhajan, aarti, tantra-mantra, chalisa, strota, dhun, gayatri mantra and doha in audio and video both types. You can learn different types of yoga in ‘Bhakti Guru’. Just like- kides yoga, woman yoga, pregnant woman yoga, yoga pranayam, diabetes yoga, migraine yoga etc.